23/5/18

इलायची के फायदे ,उपयोग // Benefits of Cardamom,

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 इलायची का आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। प्राचीन काल से ही इलाइची का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता रहा है। इलाइची के इस्तेमाल ना सिर्फ भोजन और व्यंजनों को और स्वादिष्ट बनाया जाता है बल्कि इसके इस्तेमाल से आपको कई स्वस्थ लाभ भी होते हैं।
     एक इलायची बहुत कुछ कर सकती है। जी हां दोस्तों सिर्फ 6 दिन सोते वक्त दो इलायची खाने से ऐसा चमत्कार होता है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। हम आपको इसके प्रति पूरी जानकारी देंगे कृपया इस खबर को पूरा पढ़िए ताकि आपको जानकारी मिल जाए।
अब हम आपको इलाइची से होने वाले स्वस्थ लाभ के बारे में बताएंगे कि कैसे रात में सोने से पहले इलाइची खाना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। 
पेशाब का इंफेक्शन खत्म करता है
अगर आपको पेशाब एक संक्रमण है तो आपको इलायची का इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए। इसके निरंतर इस्तेमाल से पेशाब का इन्फेक्शन भी ठीक हो जाता है।
हाजमे को दुरुस्त रखता है
अक्सर देखा गया है कि लोगो में खान पान को लेकर चाव होने के बावजूद वे खाने से परहेज़ करते हैं। ऐसा करने कि मुख्या वजह है उनका हाजमा दुरुस्त ना होना। ऐसे में अगर व्यक्ति लगातार इलायची का प्रयोग करता है तो उसका हाजमा दुरुस्त हो जायेगा। एक शोध में ऐसा पाया गया है कि इलाइची पाचन तंत्र को सुधरने में बेहद कारगर है।
वजन बढ़ाने में मदद करता है
अगर आपका वजन नहीं बढ़ रहा है तो इलायची का प्रयोग आपके लिए नए दरवाज़े खोल सकता है। एक शोध में पाया गया कि इलायची का प्रयोग आपकी भूख को बढ़ाता है। इलाइची खाने से आपकी भूख भी बढ़ेगी और आपका पाचन तंत्र भी दुरुस्त होगा जिससे आप भोजन को बेहतर तरीके से पचा सकेंगे।

2/5/18

आक ,मदार के टोटके

                                                                     
                                                 


   तंत्र शास्त्र, यह भले ही प्राचीन गुप्त विद्याओं में शुमार रहा है, लेकिन कलियुग में जब ना तो किसी के पास सात्विक क्रियाओं के परिणाम हासिल करने का धैर्य बचा है और ना ही हिम्मत। इसलिए तंत्र विद्याओं के सहारे मनुष्य जीवन की बहुत सी परेशानियों को सुलझाया जा सकता है बशर्ते उनपर विश्वास किया जाए।
तांत्रिक क्रियाओं में बहुत सी ऐसी चीजों का सहारा लिया जाता है तो सामान्य तौर पर आपको उपोअलब्ध होते हैं। किसी को वश में करना हो या किसी को गंभीर बीमारी से निजात दिलवानी हो, पति को किसी दूसरी स्त्री के चंगुल से छुड़ाना हो या किसी को बड़ी समस्या से छुटकारा दिलवाना हो... इन सभी कार्यों में तांत्रिक विद्याओं का सहारा लिया जाता है। नारियल से लेकर हल्दी तक... इन सभी का अलग-अलग तरीके से प्रयोग किया जाता है। लेकिन हम आपको सफेद आक के पौधे बारे में बताएंगे जिसका प्रयोग तांत्रिक क्रियाओं की काट के तौर पर किया जाता है।
सफेद आक का पौधा अन्य सामान्य आक के पौधों से अलग होता है, तांत्रिक क्रियाओं से बचने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। जानकारों के अनुसार जिस घर में यह पौधा लगा होता है उस घर पर कोई बुरी नजर नहीं लगती और वह काली शक्तियों से भी मुक्त रहता है। उस घर में रहने वाले लोगों पर किसी जादू-टोने का असर नहीं होता।


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इस पौधे से भी ज्यादा शक्तिशाली और प्राभावी होती है इससे निर्मित गणेश जी की प्रतिमा। तंत्र शास्त्र के अनुसार अगर आक के इस पौधे से गणेश जी की प्रतिमा बनवाकर, विशि-विधान से उसकी पूजा-अर्चना की जाए तो ये सभी कष्ट कर लेते है। लेकिन इस पूजा के नियम होते हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है, इनके बिना अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं हो पाता।


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* मदार की जड़:- रविपुष्प नक्षत्र में लाई गई मदार की जड़ को दाहिने हाथ में धारण करने से आर्थिक समृधि में वृद्धि होती हैं।
* मदार की जड़:- रविपुष्प में उसकी मदार की जड़ को बंध्या स्त्री भी कमर में बंधे तो संतान होगी।
* मदार की जड़:- कोर्ट कचहरी के मामलों में विजय हेतु आर्द्रा नक्षत्र में आक की जड़ लाकर तावीज की तरह गले में बांधें।


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29/4/18

जोड़ों के दर्द का अनुपम उपचार -तेल लगी रोटी // Joint pain disappears from oil bread

                                                     

    जोड़ों का दर्द आज के समय में आम बीमारी बनी हुई है। यह समस्या अब बुजुर्गों तक ही नहीं रही, इसके शिकार युवक व अधेड़ उम्र के लोग भी हो रहे है। इसका कारण खानपान, अनियमित दिनचर्या और अन्य कई तरह के कार्य है, जो जोड़ों के दर्द को बढ़ावा देता है। आज हम आपको बताते हैं कि घरेलू आयुर्वेदिक इलाज से आप जोड़ों के दर्द से कैसे छुटकारा पा सकते हैं। साधारण सा उपाय है और आपकी रसोई में उपलब्ध चीजों से निर्मित है, इसके लिए आपको अतिरिक्त कुछ भी खरीदकर नहीं लाना है।
    आजकल की जीवनशैली में लोगों का खानपान पूरी तरह बिगड़ चुका है, जिसकी वजह से अकसर लोगों को तरह-तरह की शिकायतें रहने लगी हैं। स्ट्रेस, बाहर का अनहेल्दी खाना, जंक फूड आदि पेट की विभिन्न बीमारियों को पैदा करता है।
    लेकिन हम आपको आप आयुर्वेद के एक ऐसे नुस्खे से रू-ब-रू कराने जा रहे हैं, जिसको करने से आप अपने जोड़ों के दर्द से निजात पा सकते हैं। यह एक ऐसा घरेलू नुस्खा है, जहां, आप केवल एक ही रात में ज्वॉइंट्स पैन से छुटकारा दिलाने में कारगर है।


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जोड़ों का दर्द और तेल लगी कच्ची रोटी
   रात में 1 कच्ची रोटी लें, उस पर सरसों का तेल और हींग लगा लें। इसके बाद ये रोटी की पट्टी अपने शरीर के उन हिस्सों पर रखकर बांधें, जहां आपको जोड़ों का दर्द महसूस होता है। यकीन मानिए आपका जोड़ों का दर्द केवल 1 रात में ही गायब हो जाएगा। इसके अलावा आप अगर पेपर टेप पर थोड़ी-सी साबुत मेथी दाना लगाते हैं और उसे उस जगह पर शरीर पर चिपकाते हैं जहां आपको दर्द महसूस हो रहा है, उससे भी आपको लाभ मिलेगा।
रोटी का घरेलू नुस्खा एक ऐसा नुस्खा है जो आपके जोड़ों के दर्द में आपको राहत दिला सकता है। अगर आपको भी घुटने में या हाथ में दर्द हो, तो आप भी यह नुस्खा अपना सकते हैं। आज भी बड़े-बूढ़ें इस नुस्खे को दर्द भगाने में इस्तेमाल करते हैं। एक बार आप भी करके देख लीजिए।


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31/3/18

साँप और बिच्छू के जहर उतारने के मंत्र// Mantra for snake and scorpion poisoning




ॐ नमो आदेश गुरु का,काला बिच्छू कंकरीयाला,

सोना का डंक ,रुपे का भाला,उतरे तो उतारूँ,

चढ़े तो मारूं।नीलकंठ मोर ,गरुड़ का आयेगा,

मोर खायेगा तोड़ ,जा रे बिच्छू डंक छोड़,

मेरी भक्ति ,गुरु की शक्ति फुरो मन्त्र ,ईश्वरो वाचा।

इस मन्त्र का १०८ झाडा नीम की डाल का लगाना है। और मन्त्र को पढ़ना हैं, चाहे कितना भी विषैला बिच्छु हो जहर उतर जायेगा. पर ध्यान रहे इस मन्त्र को सिद्ध करने की जरुरत पड़ती है,


सर्प विश उतारने का मंत्र 

ॐ नमो पर्वताग्रे रथो आंती,

विटबड़ा कोटि तन्य बीरडर पंचनशपनं

पुरमुरी अंसडी तनय तक्षक नागिनी आण,रुद्रिणी आण,

गरुड़ की आण। शेषनाग की आण,

विष उड़नति,फुरु फुरु फुरु ॐ डाकू रडती,

भरडा भरडती विष तू दंती उदकान

    यह मन्त्र २१ या १०८ बार पानी या काली मिर्च पर अभिमंत्रित करके देना. काली मिर्च चबाने को कहना, रोगी को पानी पिलाना तथा पानी मुह पर छोड़ना तो कैसा भी विष हो फ़ौरन उतर जायेगा. यह मंत्र नागपंचमी के दिन सिद्ध किया जाता है, उस इन साधक उपवास रखे, खीर शक्कर और घी से युक्त मिठाई बनाकर नागमुर्ती के आगे भोग लगावें और उस दिन आनंद के साथ भोजन करें. नाग देवता की स्तुति करें, ऐसा करने से मंत्र सिद्ध हो जाता हैं
मंत्र सिद्धि कैसे की जाती है?

मंत्र को सिद्ध करने के दो उपाय है – जात सूतक निवृत्ति और मृत सूतक निवृत्ति।

1. जात सूतक निवृत्ति : इसके लिए जप के प्रारंभ से एक सौ आठ बार ॐ कार से पुटित करके इष्ट मंत्र का जप करना चाहिए।

2. मृत सूतक निवृत्ति : इसके लिए भूत लिपि विधान करे।
नियम :

1. इस प्रकार नित्य एक हजार जप एक महीने तक करने से ही मंत्र जागरित होता है।

2. पूर्व में तीन प्राणायाम और अंत में भी तीन प्राणायाम करने चाहिए।

3. प्राणायाम का नियम यह है की चार मंत्र से पूरक, सोलह मंत्र से कुंभक और आठ मंत्र से रेचक करना चाहिए।

4. जप पूरा होने पर मानसिक रूप से उसे इष्ट देवता के दाहिने हाथ में समर्पित कर लेना चाहिए। यदि देवी इष्ट स्वरुप हो तो उसके बाएं हाथ में समर्पित करना चाहिए।

5. प्रतिदिन अनुष्ठान के अंत में जप का दंशांश हवन, हवन का दंशांश तर्पण, तर्पण का दंशांश अभिषेक और यथाशक्ति ब्राह्मण भोजन करना चाहिए।

6. यदि नियम संख्या पांच का पालन किसी वजह से संभव न हो सके तो जितना होम हुआ है, उससे चौगुना जप ब्राह्मणों को, छः गुना क्षत्रियों को तथा आठ गुना वैश्य को करना चाहिए।

7. अनुष्ठान के 5 अंग : जप, होम, तर्पण, अभिषेक और ब्राह्मण भोजन।

यदि होम तर्पण अभिषेक न हो तो ब्राह्मण या गुरु के आशीर्वाद मात्र से भी ये कार्य सम्पन्न माने जा सकते है।

8. स्त्रियों को होम-तर्पण आदि की आवश्यकता नहीं है। केवल मात्र से ही उन्हें सफलता मिल जाती है।

9. अनुष्ठान पूर्ण होने तक प्रत्येक विधि से गुरु को संतुष्ट एवं प्रसन्न करे।


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12/3/18

मसूर दाल के स्वास्थ्य लाभ // Health benefits of lentil pulses

                               

मसूर का प्रयोग दाल के रूप में प्राय: हर जगह किया जाता है। मसूर में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, सल्फर, क्लोरीन, आयोडीन, एल्युमीनियम, कॉपर, जिंक, प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट एवं विटामिन डी आदि तत्व पाये जाते हैं।
मसूर के औषधीय गुण –
*मसूर की दाल को जलाकर, उसकी भस्म बना लें, इस भस्म को दांतों पर रगड़ने से दांतो के सभी रोग दूर होते हैं।
*मसूर के आटे में घी तथा दूध मिलाकर,सात दिन तक चेहरे पर लेप करने से झाइयां खत्म होती हैं।
*मसूर के पत्तों का काढ़ा बनाकर गरारा करने से गले की सूजन तथा दर्द में लाभ होता है ।
*मसूर की दाल का सूप बनाकर पीने से आंतों से सम्बंधित रोगों में लाभ होता है ।
*चेहरे के दाग-धब्बे को हटाने के लिए मसूर की दाल और बरगद के पेड़ की नर्म पत्तियां पीसकर लेप करें
जब चेहरे पर दाग धब्बे और मुहांसे हो जाये तो चेहरे की रंगत और रूप दोनों ही बेकार हो जाते है । इसका छोटा सा उपाय है कि रात को एक मुट्ठी मसूर की दाल थोड़े से पानी में भिगो दे सुबह जब वो पानी दाल सारा सोख लेती है उसे पीस कर पेस्ट बना ले और उसमे थोड़ा सा दूध मिलाकर उस पेस्ट को दोनों समय अपने चेहरे पे लगाये और फिर दस या पंद्रह मिनट बाद मुंह को सादे पानी से धो ले । इससे चेहरे के सभी दाग धब्बे मुहांसे आदि थोड़े से दिनों में ही खत्म हो जायेंगे और चेहरा दमक उठता है |


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*मसूर की भस्म बनाकर, भस्म में भैंस का दूध मिलाकर प्रात: सांय घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।
*मसूर दाल के सेवन से रक्त की वृद्धि होती है तथा दौर्बल्य का शमन होता है।
*जिन्हे कमजोरी हो या खून की कमी रहती हो उन्हें मसूर की दाल एक समय हर रोज़ खाना चाहिए और उसमे एक चम्मच गाय की घी मिला ले तो जल्दी ही कमजोरी दूर हो जाती है ।
*मसूर की दाल खाने से पाचन,क्रिया ठीक होकर पेट के सारे रोग दूर हो जाते हैं।मसूर दाल की प्रकृति गर्म, शुष्क, रक्तवर्द्धक एवं रक्त में गाढ़ापन लाने वाली होती है। इस दाल को खाने से बहुत शक्ति मिलती है। दस्त, बहुमूत्र, प्रदर, कब्ज व अनियमित पाचन क्रिया में मसूर की दाल का सेवन लाभकारी होता है। सौदर्य के हिसाब से भी यह दाल बहुत उपयोगी है।दालों को कच्चा खाना मुश्किल है। इसकी वजह है इनमें मौजूद एंटीन्यूट्रिएंट्स। इसके लिए दालों को रात भर या कुछ देर भिगोने के बाद ही पकाना सही रहता है। शाकाहारी लोगों के भोजन में शामिल एक और दाल, मसूर दाल। मसूर दाल तीन प्रकार की होती है साबुत, धुली और छिली हुई। बिना छिलके की इस दाल का रंग लाल होता है। हल्की होने के कारण यह जल्दी पक जाती है। इस दाल को ढककर पकाने से इसमें मौजूद विटामिन सी की मात्रा बराबर बनी रहती है। दस्त, बहुमूत्र, प्रदर, कब्ज और अनियमित पाचन क्रिया में इस दाल का सेवन फायदेमंद होता है।
*मसूर में प्रोटीन, कैल्शियम, सल्फर, कार्बोहाइड्रेट, एल्युमीनियम, जिंक, कॉपर, आयोडीन, मैग्नीशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, क्लोरीन और विटामिन डी जैसे तत्व पाए जाते हैं।
*नॉन-वेजिटेरियन्स के सारे जरूरी पोषक तत्व उन्हें चिकन और मटन से मिल जाते हैं, लेकिन वेजिटेरियन्स के लिए पोषक तत्वों का सबसे बड़ा खजाना दालों में ही मौजूद होता है। इसमें मौजूद अमिनो एसिड जैसे आईसोल्यूसीन और लाईसीन से बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन मिलता है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभदायक होता है।
*इस दाल में फाइबर भी उच्च मात्रा में पाया जाता है।
*प्रोटीन के अलावा, इसमें फोलेट, विटामिन बी1, मिनरल्स, पोटैशियम, आयरन और लो कोलेस्ट्रॉल होता है।
पेट के रोगों से लेकर पाचन क्रिया से संबंधित कई प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं।
*मसूर की दाल का सूप पीने से आंतों और गले से संबंधित रोगों में आराम मिलता है।
*दाल का पाउडर बनाकर दांतों पर रगड़ने से दांतों के सभी रोग भी दूर हो जाते हैं। साथ ही उनमें चमक भी आती है।
*एनीमिया के रोगी के लिए यह दाल बहुत ही फायदेमंद है। कमजोरी की समस्या भी दूर होती है।
*मसूर की दाल को रात में भिगोकर सुबह दरदरा पीसकर दूध के साथ चेहरे पर लगाने से चेहरे में निखार आता है। साथ ही दाग-धब्बे, पिंपल्स आदि से छुटकारा भी मिलता है।


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8/3/18

जौ के पानी के फायदे// Benefits of barley water

                                         


जौ का केवल धार्मिक महत्व नहीं है अपितु यह हमारी सेहत से भी जुड़ा हुआ हैं |जौ के अलावा जौ के पानी का विशेष महत्व है। कई रोगों को आसानी से खत्म कर सकता है जौ का पानी। क्योंकि इस पानी में कई प्रकार के औषधिय तत्व पाए जाते हैं। इस लेख में आपको जौ के पानी पीने के फायदों के बारे में बताया जाएगा।
जौ के पानी के गुण -
इस पानी में आयरन, प्रोटीन, अमीनो एसिड, सेलेनियम के अलावा जिंक, मैग्नीशियम, मैगनीज और कॉपर पाया जाता है। जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने का काम करते हैं। जौ के पानी के फायदे
कैसे बनता है जौ का पानी-
दो चम्मच जौ लें और फिर इसे एक पैन में डालें। और फिर इसमें पानी डाल दें। और इसे उबाल लें। जब जौ मुलायम या नर्म हो जाए तब आप उसे किसी साफ कपड़े में रखकर उसके पानी को किसी गिलास या कप में डाल दें। और फिर दोबारा से इसे छान लें। जब यह ठंडा हो जाए तब आप इसका सेवन करें।
छिलके वाली जौ अधिक फायदेमंद होती है इसलिए आप इसका ही पानी बनाकर पीएं।
क्या फायदे मिलते हैं जौ के पानी को पीने से :
 
फाइबर की कमी –
जब शरीर में फाइबर कम रहता है तब इंसान कमजोर होने लगता है। जी हां एैसा इसलिए क्योंकि फाइबर हमारे अच्छे स्वास्थ के लिए बहुत ही गुणकारी होता है। यदि आप जौ का पानी पीते हो तो इससे आपके शरीर में धीरे—धीरे फाइबर बढ़ने लगता है और आपका शरीर अंदर और बाहर से मजबूत बनता चला जाता है। इसलिए आप रोज इसका सेवन कर सकते हो। इससे शरीर की गंदगी भी दूर हो जाती है।
डायबिटीज के रोगियों के लिए –
बहुत से लोग इस गंभीर बीमारी से परेशान हैं। एैसे में यदि आप जौ के पानी को पीने का नियम बना लें तो मधुमेह की समस्या ठीक हो जाएगी। जौ में मौजूद तत्व मधुमेह के मरीजों के शुगर के स्तर को लेवल पर ले आते हैं। और इस समस्या से रोगी बच जाता है।

 सूजन घटाता है –
जिन लोगों को अक्सर सूजन की समस्या रहती हो तो वे इसके पानी को पीना शुरू कर दें। कुछ दिनों में इससे आपकी सूजन की समस्या ठीक हो जाएगी।
कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करता है–
हमारे दिल के लिए बहुत ही फायदेमंद है ये पानी। एैसा इसलिए क्योंकि जौ से बना पानी हमारे बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को सामन्य करता है। इस पानी में फाइबर होने की वजह से दिल से संबंधित रोगों से भी हमें बचाता है। नियमित जौ पानी पीने से इंसान को दिल के रोग नहीं लग सकते हैं।
किडनी में पथरी का होना –
पानी जब इंसान कम पीता है। तो उसे पथरी होने की संभावना अधिक हो जाती है। खासकर की किडनी की पथरी। और एक बार इस जगह पर पथरी हो जाए तो इंसान दर्द से परेशान रहता है। और आजकल तो किडनी की पथरी की समस्या लोगों में बढ़ती जा रही है। एैसे में यदि आप जौ से बना पानी पीते हो तो वो भी एक गिलास की मात्रा में कुछ दिनों तक तो आपकी ये पथरी टूटकर पेशाब के रास्ते बाहर आ जाएगी। हमारी किडनी को स्वस्थ बनाता है जौ का पानी।

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 वजन  घटाने मे सहायक–
यदि आप वजन घटाने के लिए दिन प्रतिदिन कुछ ना कुछ नया ट्राइ करते रहते हैं तो एक बार जरूर आप कुछ दिनों तो खाली पेट जौ के पानी को पीने की आदत डाल लें। इससे आपका वजन सौ प्रतिशत घट जाएगा। और साथ ही आपको किसी भी तरह की कोई बीमारी नहीं लगेगी।
त्वचा के लिए फायदे-
जौ से बने पानी में मिनरल्स और विटामिन सी के अलावा एंटीआॅक्सीडेंट तत्व होते हैं। जिसे पीने से हमारी त्वचा में निखार आता है। और त्वचा सुंदर बनती है।
राहत मिलती है जोड़ों के दर्द में-
गठिया की बीमारी या जोड़ों का दर्द कुछ भी क्यों ना हो एैसे में आपको जौ का पानी बचा सकता है। एैसा इसलिए क्योंकि इसमें एंटी—इंफ्लामेंट्री गुण मौजूद होते हैं जो जोड़ों के दर्द से आपको बचाते हैं। साथ ही इसे नियमित पीने से गठिया भी धीरे—धीरे ठीक हो जाती है।
निकाल देता है विषाक्त पदार्थों को बाहर -
हम जब उलटा सीधा खाना खाते रहते हैं। एैसे में हमारे शरीर के अंदर विषाक्त तत्व जमने लगते हैं। जिससे हमें उल्टी, पेट दर्द व अन्य कई बीमारियों का सामना करना पड़ जाता है। एैसे में आप जौ लें और उसका पानी बनाकर पी लें। इससे पेशाब के जरिए सारे विषाक्त चीजें निकल जाती हैं। और आप राहत की सांस ले सकते हो
खत्म करता है पेट की जलन को-
तेज मिर्च मसाला व तेल युक्त चीजों को खाने के बाद कई बार हमें पेट में गैस व जलन की समस्या हो जाती है। एैसे में यदि आप जौ की जड़ से बने पानी का सेवन करते हो तो आपकी पेट की जलन तो शांत होगी ही साथ ही आप पेट से संबंधित रोगों से भी बच सकते हो।



7/3/18

फिटकरी के घरेलू आयुर्वेदिक ज्योतिषीय उपयोग // Astrological , Ayurvedic use of alum

                                                    

     फिटकरी एक ऐसा क्रिस्‍टल है जो सभी घरों में प्रयोग होता है। पुरुष इसे आफ्टरशेव के तौर पर इस्‍तमाल करते हैं। फिटकरी को पहले जमाने में महिलाएं चेहरे को टाइट बनाने के लिये प्रयो‍ग किया करती थीं। यह लाल व सफेद दो प्रकार की होती हैं। फिटकरी में कई सारे गुण होते हैं। यह बैक्‍टीरिया का नाश करती है इसलिये लोग इसे डियोड्रंट की जगह पर अपने बगल में भी लगाते हैं। यह एंटीबैक्‍टीरियल होती है इसलिये इसे दंत रोग से छुटकारा पाने के लिये प्रयोग करें। आइये जानते हैं फिटकरी के कुछ लाभदायक गुणों के बारे में।
1. फिटकरी को चोट या घाव लगने पर इस्‍तमाल करें। फिटकरी का पानी लगाने से घाव से खून बहना बंद हो जाएगा। आपके इसका चूर्ण बना कर भी प्रयोग कर सकते हैं। 
2. चेहरे से झुर्रियों को मिटाने के लिये चेहरे को धो लें। फिर फिटकरी को ठंडे पानी से गीला कर के चेहरे के आस पास हल्‍के रगडें। अब इसे सूख जाने दें और फिर इसे हाथों से छुड़ा कर साफ कर लें। कुछ महीनों के प्रयोग के बाद आपका चेहरा चमकदार और यंग बन जाएगा। 
3. दमा और खांसी है तो, आधा ग्राम फिटकरी को पीस कर शहद के साथ मिक्‍स कर के चाट लें, आपको तुरंत लाभ होगा।
  4. एंटीबैक्‍टीरियल और एस्‍ट्रिजेंट तत्‍व होने की वजह से यह दंत रोग को दूर कर सकती है। यह माउथवॉश की तरह भी प्रयोग की जा सकती है। 

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5. फिटकरी को नहाने के पानी में घोल कर प्रयोग करने से खुजली और शरीर से बदबू आना बंद होती है। 
6. कीडे़-मकौडे़ के काट लेने पर फिटकरी के टुकड़े को उस जगह पर रगडे़। इससे सूजन, घाव और लालिमा दूर होगी। 
7. फिटकरी को चेहरे पर लगाने से चेहरा गोरा बनता है और त्‍वचा टोन हो जाती है।
8. एक लीटर पानी में 10 ग्राम फिटकरी का चूर्ण घोल लें। इस घोल से प्रतिदिन सिर धोने से जुएं मर जाती हैं।
 
9. टांसिल की समस्या होने पर गर्म पानी में चुटकी भर फिटकरी और नमक डालकर गरारे करें। इससे टांसिल की समस्या में जल्दी ही आराम मिल जाता है।
वास्तु दोषों में फिटकरी-
जी हां, इस एंटीसेप्टिक सफेद पत्थर में आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोखकर कर सभी प्रकार के वास्तु दोषों को खत्म कर सकने की क्षमता है। इतना ही नहीं, यह चूहे और तिलचट्टे आदि को भी आपके घर से दूर रखता है।
धन और व्यापार की परेशानियां-
व्यापार में लगातार नुकसान हो रहा हो, तो दुकान या ऑफिस के किसी भी कोने में 50 ग्राम फिटकरी रखें। इसके अलावा आपको अपने निवास स्थल के भी हर कमरे में और विशेषकर अपने सोने के कमरे में किसी जगह फिटकरी अवश्य रखना चाहिए। इससे आपके घर और व्यापार से जुड़े सभी वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं और लाभ की स्थितियां बनने लगती हैं।
बंधी हुई फिटकरी-
अगर लगे कि व्यापार में पर्याप्त लाभ नहीं हो रहा, तो घर और कार्यस्थल दोनों ही जगह मुख्य द्वार पर एक लाल कपड़े या रुमाल में फिटकरी बांधकर लटकाएं। इससे भी आपके व्यापार से जुड़ी बाधाएं दूर होंगी और मुनाफा होने लगेगा।
धन सुरक्षा-
अगर चाहते हैं कि भविष्य में आपके जीवन में कोई मुश्किल ना आए, तो घर में फिटकरी रखना सबसे आसान उपाय है। घर के बाथरूम में विशेषकर इसे जरूर रखें, लेकिन हर माह पुरानी फिटकरी बदलकर इसकी जगह एक नया टुकड़ा रखना ना भूलें। इसके लिए फिटकरी के कुछ टुकड़े कांच की किसी कटोरी या जार में रखकर बाथरूम में ऐसी जगह रखें जहां से ये गिरे ना और रखा रहे।कर्ज में
अब एक ताजा पान के पत्ते में इसे लपेटकर लाल धागे या कलावा (कच्चा सूत) से बांध दें। पान की इस पोटली को शाम के समय किसी भी पीपल पेड़ के नीचे मिट्टी में दबा दें। यह उपाय जल्दी ही असर दिखाएगा और धीरे-धीरे आप कर्ज से मुक्त हो जाएंगे।
सफाई के दौरान-
इसके अलावा घर में सफाई के दौरान पोछे के पानी में थोड़ी फिटकरी और सामान्य नमक मिलाकर पोछा डालना घर के सभी वास्तु दोष खत्म करता है और पूरा परिवार तरक्की करता है।

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